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संस्थान का परिचय “युवा जागृति स्वयं सेवी सहायता संस्थान, नेतवार, दरौली (सिवान), बिहार” एक सामाजिक एवं गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है। यह संस्थान समाज एवं राष्ट्र के चतुर्मुखी विकास के लिए पूर्णतः समर्पित एक सामाजिक संगठन है। दिनांक 11 नवंबर 2004 को संस्थान के संस्थापक शंकर प्रसाद ठाकुर के द्वारा क्षेत्र के गणमान्य विद्वत एवं कर्मयोगी महानुभावों — श्री डॉ. ब्रह्मानंद पांडेय, डॉ. अच्छे लाल ठाकुर, श्री बलमीकि कुशवाहा, श्री नंदलाल भगत, श्री विशिष्ट नारायण पांडेय, श्री गणेश भक्त, श्री राजेश्वर सिंह, श्री देवेंद्र भगत तथा श्री श्याम देव सिंह — के राय-विमर्श, परामर्श एवं पूर्ण मार्गदर्शन में इस संस्थान की परिकल्पना एवं गठन किया गया।१. संस्थान का परिचय:- १. नियमावली एवं पंजीकरण:- संस्थान की नियमावली का संकलन एवं सृजन विद्वत गणमान्य बुद्धिजीवियों — डॉ. ब्रह्मानंद पांडेय, श्री वाल्मीकि कुशवाहा, डॉ. अच्छे लाल ठाकुर, श्री सीताशरण वर्मा, श्री सुशील कुमार पांडेय, अधिवक्ता श्री मनोज कुमार सिंह सहित कई अन्य गणमान्य बुद्धिजीवियों एवं विद्वज्जनों के राय-विमर्श एवं पूर्ण मार्गदर्शन में किया गया।यह तैयार नियमावली 11 दिसंबर 2006 को बिहार सरकार के निबंधन विभाग द्वारा संस्थान निबंधन अधिनियम, 1860 की धारा-21 के अंतर्गत पंजीकृत की गई, जिसके अंतर्गत संस्थान को निबंधन संख्या: 247 / 2006–07 का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। २. संगठनात्मक संरचना:- संस्थान की पंजीकृत नियमावली के आलोक में संस्थान में तीन स्थायी समितियों का गठन किया गया है:- (i) प्रशासनिक समिति (ii) सलाहकार समिति (iii) कार्यकारिणी समिति प्रशासनिक समिति द्वारा संस्थान के सभी आधिकारिक एवं प्राधिकरण संबंधी कार्यों का निष्पादन किया जाता है। सामाजिक एवं राष्ट्रहित में लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय सलाहकार समिति के सदस्यों के राय-विमर्श एवं मार्गदर्शन के आधार पर तय किए जाते हैं। वहीं संस्थान की सेवा कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी एवं जवाबदेही कार्यकारिणी समिति को सौंपी गई है। ३. संशोधित नियमावली:- संस्थान की संशोधित नियमावली में आवश्यक परिवर्तन, संकलन एवं सृजन क्षेत्र एवं समाज के गणमान्य बुद्धिजीवियों — श्री डॉ. प्रोफेसर अशोक कुमार पांडेय (उर्फ अशोक प्रियंवाद जी), अधिवक्ता राजीव रंजन (उर्फ राजू जी), अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, अधिवक्ता प्रफुल्ल कुमार रंजन, प्रोफेसर अवधेश शर्मा, श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव तथा श्री संदीप कुमार गुप्ता — के परस्पर राय-विमर्श एवं पूर्ण मार्गदर्शन में किया गया है। ४. कार्यानुभव एवं उपलब्धियाँ:- संस्थान के कर्मयोगी सदस्यों एवं पदाधिकारियों के सेवा-समर्पण के परिणामस्वरूप संस्थान को नाबार्ड, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), लोक अदालत तथा पर्यावरण विभाग के साथ मिलकर कार्य करने का सफल अनुभव प्राप्त है। ५. संस्थान के पास निम्नलिखित वैधानिक एवं प्रशासकीय प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं:- संस्था निबंधन प्रमाण पत्र- अधीन धारा 21,1860. पैन कार्ड टैन प्रमाण पत्र सीएसआर प्रमाण पत्र उद्यम प्रमाण पत्र जीएसटी प्रमाण पत्र आईएसओ प्रमाण पत्र 12A प्रमाण पत्र 80G प्रमाण पत्र ईपीएफ प्रमाण पत्र ईएसआई प्रमाण पत्र जेम (GeM) पर पंजीकृत ई-प्रोक्योरमेंट प्रमाण पत्र ई- अनुदान (MSJE) प्रमाण पत्र डिजिटल सिग्नेचर (DSC) नाबार्ड के (NAIFF) पर पंजीकृत ६. डिजिटल एवं सामाजिक उपस्थिति:- संस्थान के पास वर्तमान समय की आवश्यक डिजिटल सुविधाएँ जैसे — व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, ट्विटर, ईमेल तथा आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध हैं, जिससे सामाजिक संपर्क एवं कार्य संचालन को सशक्त बनाया गया है। ७. भविष्य की दिशा:- संस्थान अपने उज्ज्वल भविष्य तथा समाज एवं राष्ट्र के चतुर्मुखी विकास में प्रभावी एवं सार्थक सहभागिता के लिए समाज एवं सरकार के प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, कर्मयोगी आम नागरिकों, अधिकारियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों से परस्पर सहयोग एवं उनके अमूल्य योगदान की अपेक्षा करता है।